Friday, July 19, 2024
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आहा……कुदरत के नूडल(कुएडु रे चिंचे शुचवाले)

प्रकृति ने हमे बहुत सारी इनायतें बक्शी हैं चाहे खाने पीने की वस्तुएं हो या फल फ्रूट।आजकल का युवा वर्ग जादा तर जंक फूड का इस्तेमाल कर रहा है,मैग्गी,नूडल,कुरकुरे, चिप्स, पिज़्ज़ा,मोमोज़, बर्गर,और भी बहुत सारी ऐसी वस्तुएं हैं जिन्हें हम और हमारा युवा वर्ग बड़ी मात्रा में इस्तेमाल कर रहा है जो स्वास्थ्य के लिये जादा बेहतर नहीं कहा जा सकता खेर छोड़िये इन बातों को आखिर मानेगा भी कोन जमाना बदल रहा है तो खान पान रहन सहन भी बदलना लाज़िमी हो जाता है।आईये अब इस प्राकृतिक नूडल (कुएडु रे चिंचे) की बात करते हैं ये भी एक प्रकार से बरसात में जंगलों में उगने वाला फफूंद है जो तीन रंगों में पाया जाता है एक ये जो सफेद है और एक ब्राउन अथवा कुछ पिले रंग का भी उगता है,पीले रंग को छोड़ कर ये दो रंग जिसमें सफेद और ब्राउन शामिल है ये अक्सर खाने के प्रयोग में लाया जाता है,प्रकृति की गोद में उगे इस नेचुरल नूडल की कुछ बात ही और है, लेकिन बिना जानकारी के फफूंदों(कुएडु) का सेवन करना भी किसी जोखिम से कम नहीं।इतना जरूर है कि अगर ये दो रंगों के नेचुरल नूडल(कुएडु रे चिंचे) जंगलों में जाकर मिल जाये तो आप बेफिक्र हो कर प्याज काटिये,अच्छा सा तुड़का बनाइये नमक मिर्च आपने स्वादानुसार डालिये और इस प्राकतिक नूडल का पूरा जायका लीजिएगा। प्रस्तुति:- रविन्द्र सिंह नेगी।

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