Saturday, July 13, 2024
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पुजारली पंचायत में शिमला के ग्रामीणों द्वारा पौधारोप

हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को होरी पुजारली, गेहर नाला के समीप वन भूमि में पंचायत के स्थानीय निवासियों एवम प्रभा शक्ति स्वयं सहायता समूह होरी सदस्यों के साथ मिलकर 74वें वन-महोत्सव का आयोजन किया । कार्यक्रम का शुभारम्भ संस्थान के निदेशक डॉ. संदीप शर्मा द्वारा देवदार का पौधा लगाकर किया गया । उन्होनें कहा कि इसकी शुरुआत 1950 में तत्कालीन कृषि मंत्री कन्हैयालाल माणिक्यलाल मुंशी ने की थी, जिसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है । डॉ॰ शर्मा ने, कहा की भारत में प्रति व्यक्ति मात्र 28 पौधे हैं जोकि विश्व औसत से बहुत कम हैं तत्पश्चात उन्होने पुजारली पंचायत की प्रधान मीना कश्यप की सराहना करते हुए कहा कि प्रधान महोदया ने स्वयं संस्थान को पौधारोपण के इस नेक कार्य हेतु आमंत्रित कर भूमि अपलब्ध कारवाई और कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु सहयोग भी किया । डॉ. शर्मा ने पुजारली पंचायत ग्रामवासियों को लगाए गए पौधों की सुरक्षा व देखभाल का संकल्प दिलवाया ।
डॉ.जगदीश सिंह, वैज्ञानिक- जी, प्रभाग प्रमुख विस्तार, ने कहा कि इस अवसर पर खिड़क, व्यूल, कचनार, वान, व देवदार के 400 पौधे रोपे जा रहे हैं । जिससे क्षेत्र में मिश्रित वन तैयार होगा, जो स्थानीय लोगों की चारा एवं लकड़ी की जरूरतों को पूरा करेगा । मिश्रित वन होने से आग की सम्भावना को भी कम किया जा सकता है । उन्होंने कहा कि वृक्ष वातावरण में उत्सर्जित कार्बन डाई-आक्साईड गैस को ग्रहण कर हमारे जीवन के लिये अतिआवश्यक आक्सीजन देता है । इसके अतिरिक्त हमें अनेक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष लाभ होने के साथ-साथ पर्यावरण का संतुलन भी बना रहता है । डॉ. जोगिंदर सिंह मुख्य तकनीकी अधिकारी ने इस अवसर पर अपने विचार प्रकट करते हुए कहा कि गेहर नाला के आस पास पौधरोपण भू-अपरदन को कम करेगा और वहाँ की मिट्टी स्थिर करेगा । पंचायत प्रधान मीना कशयप ने संस्थान का धन्यवाद किया और उनके ने क्षेत्र में चारा बैंक स्थापित करने का आग्रह किया । वृक्षारोपण कार्यक्रम में संस्थान के वैज्ञानिकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों, एवं पुजारली पंचायत के स्थानीय निवासियों ने भाग लिया । कार्यक्रम के आयोजन में डॉ.जगदीश सिंह, वैज्ञानिक- एफ, डॉ. जोगिंदर सिंह मुख्य तकनीकी अधिकारी, रीना कश्यप, प्रधान, कुलवंत राय,  स्वराज, राजेंदर पाल एवं मूरत सिंह ने मुख्य भूमिका निभाई ।

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