Saturday, July 13, 2024
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सीएम को दिखा दिया वो क्षतिग्रस्त मकान, जो वर्षों से था वीरान -संजय पराशर -कहा, विपदा की घड़ी में चहेतों को लाभ देने का प्रयास कर रहे कुछ नेता :

कैप्टन संजय पराशर ने कहा है कि जो नेता प्रदेश के मुख्यमंत्री के समक्ष ही झूठ बाेल रहे हैं और सरकार को अंधेरे में रखने का प्रयास कर रहे हैं, ऐसे लोगों से जसवां-प्रागपुर की हितों की रक्षा की आस करना बेमानी होगा। पराशर ने यहां जारी बयान में कहा है कि इस क्षेत्र के सत्ताधारी दल से जुड़े नेता आपदा की घड़ी में भी चहेतों को लाभ देने के प्रयास में जुटे हैं, जबकि गरीब जनता बेवस, असहाय, हताश व निराश नजर आ रही है। मंगलवार को संजय ने आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री आपदा प्रभावित परिवारों से मिल कर उनके दुख-दर्द बांट रहे हैं तथा नुकसान के आकलन के बाद सरकार द्वारा प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद करने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। बावजूद कुछ लोग आपदा में अवसर खोज रहे हैं और इससे सरकार की जन कल्याण की भावनाओं पर भी विपरित असर पड़ता है। संजय पराशर ने कहा कि बीते दिनों मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने डाडा सीबा में जिस जर्जर मकान का निरीक्षण किया था, वहां पिछले चार पांच वर्षों से कोई भी व्यक्ति नहीं रह रहा था। यह मकान एक साधन संपन्न परिवार के नाम पर है और उक्त परिवार ने नए मकान का निर्माण भी कर लिया है। पराशर का आरोप था कि मुख्यमंत्री को स्थानीय नेता और प्रशासन ने अंधेरे में रखा गया और जानबूझकर उस मकान को दिखाया गया, जबकि पात्र परिवारों के क्षतिग्रस्त मकानों की किसी ने सुध नहीं ली। कहा कि उक्त मकान को दिखाकर नेता ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को गुमराह किया है। सवाल किया कि इस मकान को चिन्हित करने के पीछे क्या कारण था, जबकि डाडासीबा में ही नहीं बल्कि पूरे विधानसभा क्षेत्र में ऐसे भी कई परिवार भी थे, जिनके मकान पूरी तरह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए और अब भी कई परिवार स्कूल या गौशाला में रहने को मजबूर हैं। इसके अलावा भी कई परिवारों के मकानों को भारी क्षति पहुंची है । कैप्टन संजय पराशर ने बताया कि वह इस संदर्भ में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को शीघ्र ही वास्तविकवस्तु स्थिति से अवगत करवाएंगे, क्योंकि प्रशासन आंखें मूंद कर ऐसे नेताओं के इशारों पर नाच रहा है। जसवां प्रागपुर में गरीब परिवारों की कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। यहां तक कि उक्त स्थानीय नेता द्वारा सरकार को गलत सूचनाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं तथा प्रशासन से भी उन परिवारों को रास्तों व डंगों के लिए धन उपलब्ध करवाया जा रहा है जो कि इसके लिए पात्र नहीं हैं । कैप्टन संजय पराशर ने कहा कि इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जिला प्रशासन द्वारा आवंटित किए जा रहे धन की भी जांच होनी चाहिए। संजय ने कहा कि उन्होंने व उनकी टीम ने क्षेत्र के प्रत्येक ऐसे परिवार के पास पहुंच कर रिपोर्ट तैयार की है। इस बाबत वह शीघ्र ही मुख्यमंत्री से मिलेंगे और जसवां-प्रागपुर क्षेत्र में बरसात से हुए वास्तविक नुकसान की रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।

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